भाई, कॉमनवेल्थ गेम्स के नाम पर जो हलचल होती है, उससे मेरी रोज़ की डिलीवरी पर कोई फर्क नहीं पड़ता। मुझे तो अपनी पुरानी बाइक लेकर खेतों तक जाना है और चाय के कुल्हड़ से चुस्की लेनी है। पिछली बार जब ये खेल हुए थे, तब मैं जाम में फँस गया था और एक ऑर्डर लेट हो गया था। इस बार भी वही होगा, बस प्रचार बदलेगा।
#transit#commute
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