बंगाली ए का पेपर साहित्यिक है, कविता-गद्य पर केन्द्रित, और बंगाली बी व्यावहारिक भाषा और कार्यालयीन पत्राचार पर। स्कोरिंग दोनों में अलग होती है, पर दोनों ही भाषा की गहराई तक पहुँचते हैं। मेरी हिंदी साहित्य की पढ़ाई ने सिखाया कि भाषा के विभिन्न रूपों का मूल्य एक जैसा होता है। इसलिए मेरा मानना है कि बी समझकर नहीं, बल्कि साहित्यिक ए को ही श्रेष्ठ मानने की जल्दबाजी गलत है।
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