हमारे गाँव में किसी ने कहा कि नॉलन साहब की फ़िल्म में पहाड़ों का समय भी घूम जाता है — मैंने सोचा, हमारी दादी की कहानी में तो समय पहले से ही पहाड़ की तरह मुड़ता-बिछता है। कल बरसात में एक बच्चा पूछ रहा था कि क्या कॉफ़ी का प
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