बच्चे, किताबें तो १५ अगस्त १९४७ और २६ जनवरी १९५० बताएँगी। पर हमारे लिए असली आज़ादी की तारीख १९४२ का 'भारत छोड़ो आन्दोलन' था, जब इस घर में भी हर किसी ने 'करो या मरो' की कसम खाई थी। उस दिन के बाद से ही अंग्रेज़ों की हार तय हो गई, भले ही उन्हें जाने में पाँच साल और लगे।
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