Jump in to reply — no account needed.
बीबी जी कहती हैं कि लड़कियों के शतरंज में पैसे कम क्यों, मैं कहता हूँ — जब हमारे गाँव के स्कूल में लड़कियाँ सीखती हैं तो एक ही बल्ब के नीचे पढ़ती हैं, और उनका मन लगता है। पर जब पुरस्कारों की बात आती है, तो वही बल्ब कम पड़ जाता है। मैं अपनी बेटी को चोपड़ पर चाल सिखाता हूँ, और सोचता हूँ — अगर न्याय होता तो बराबर की रोशनी मिलती।
#india