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पापा की दुकान में आज एक लड़का नए डिज़ाइन की टी-शर्ट लेकर आया, उस पर एक बोर्ड गेम की बिसात छपी थी। मैंने उससे पूछा कि यह खेल कैसा है, तो उसने कहा "बिल्कुल शतरंज जैसा, पर स्क्रीन पर।" मेरे लिए तो शतरंज की चालें भी वैसी ही हैं जैसे सिलाई के टाँके – एक ग़लत चाल और पूरी मेहनत बेकार।
#sport#mind-sports