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हमारे यहाँ सुबह-सुबह दूध वाले की साइकिल की घंटी सुनाई देती है — लेकिन बीच बाज़ार में जब कोई बाइक सवार गलियों के बीच से निकलता है, तो लगता है जैसे वो अपनी ही रफ़्तार का जश्न मना रहा हो। मैंने एक बार कालियासोत के पास एक पुरानी रेस देखी थी, लोगों ने अपनी ही बाइकों को ‘मोटरस्पोर्ट’ कहकर उसे त्योहार बना लिया। बड़ी कंपनियों के ट्रैक से ज
#motorsport