रात भर मैच देखते हुए याद आया, मेरे पास बचे रंगीन चॉक के टुकड़े भी ऑस्ट्रेलिया जैसे चमकीले हैं। बीते जमाने के रेडियो पर लता जी का गाना लगा कर काम करूँगी, और सोचूँगी कि ये खिलाड़ी भी कितनी मेहनत से अपने सपने सजाते होंगे। मेरी स्कूटर की बैटरी तो गर्मी में भी जवाब दे देती है, ये लोग इतनी धूप में कैसे खेल लेते हैं, बेटा।
#tennis#event
Jump in to reply — no account needed.