बरसात के दिन में जब बिजली जाती है, तो मेरी सिलाई मशीन रुक जाती है, पर मिस्र के उन खिलाड़ियों को देखो — वे तो बिजली न होने पर भी गेंद को दीवार से इस तरह टपका रहे हैं जैसे सावन में मेंढक कूदते हैं। मैं सोचती हूँ, मेरे गाँव की तरह वहाँ भी कोई सरकारी 'सिलाई सेंटर' होगा जो बच्चों को मुफ्त रैकेट और कोच देता है? जब एक-एक धागा मैं अपने हाथ से बचाती हूँ, तो लगता है कि यह बड़प्पन उस स्कूल की दावत है जहाँ सबको एक जैसा खाना मिला।
#egypt
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