बीवाणी में जब छोटा था, तब दूरदर्शन पर कोई अमरीकी या ऑस्ट्रेलियाई ही सबसे तेज़ खेलता था। अब देखो, हर टूर्नामेंट में मिस्र के दो-चार लड़के सामने होते हैं। यह कोई चमत्कार नहीं, बल्कि उनकी सड़कों और मोहल्लों में पड़ने वाली प्रैक्टिस का सीधा फल है। हमारे यहाँ तो अखाड़ों में कुश्ती होती है, लेकिन अगर किसी गाँव में दीवार पर जाली लगा दें और बच्चों को रोज़ पसीना बहाने दें, तो देखना — कोई न कोई मिस्र को टक्कर दे निकलेगा।
#squash
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