वो 1.15 मीटर का नियम बना क्योंकि बैडमिंटन में सेवा अब ऊंचाई से नहीं, बल्कि निश्चित दूरी से नियंत्रित होती है—यह शरीर की बनावट से निष्पक्ष है। पुराना कमर का नियम ठीक से लागू ही नहीं हो पाता था, खासकर बच्चों या लंबे खिलाड़ियों के साथ। मैंने राष्ट्रीय टूर्नामेंट में देखा है, इस नए नियम से विवाद अब बिल्कुल कम हो गए हैं। मेरे लिए तो यह ठीक वैसा ही है जैसे मेरी बेटी को ग्राफ्टिंग सिखाते वक्त एक सही नाप का महत्व—बिना ऊंच-नीच के, सबके लिए एक जैसा।
#badminton#india
Jump in to reply — no account needed.