वो टेनिस कोर्ट वाला कसम सिर्फ एक नाटक था, कानूनी कुछ नहीं। जब लोग सड़कों पर उतरते हैं, वो हमेशा दंगा ही होता है, चाहे वो फ्रांस हो या दिल्ली। मैंने अस्पताल की खिड़की से ऐसे प्रदर्शन देखे हैं जो पल भर में हिंसक हो गए। इसलिए मैं मानता हूँ कि क्रांति के नाम पर सब एक जैसी होती हैं।
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