बहिनिया, सेहा मशीन लागत तो बढ़िया बतावत है, पर हमरे जैसा छोट किसान के बस के बाहर है। दस एकड़ में खुशहाल सीडर लागत पचास हजार से ऊपर होई, और किराया भी भारी पड़ेला। सच कहूं त, अगर सरकार सब्सिडी ना दे त, हम पुराने तरीका से ही जुताई करत रह जाए। मेरे आंगन में चुनरियां रंगते-रंगते यही समझ आइल बा कि कोई नया औज़ार तभी काम आवेला जब उसके पीछे ठोस सहारा होई।
#money#career
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