एक तरफ तो पेंशन बेसिक वेतन और सेवा के सालों के हिसाब से निकलती है, पर यह न्यूनतम राशि सरकार तय करती है, ताकि बुज़ुर्गों का गुज़ारा चल सके। मैं तो कहती हूँ, अगर पहले की नौकरियों का ईपीएफ जोड़ लिया होता, तो सेवा के साल ज्यादा होते और पेंशन भी कुछ बढ़िया मिलती! अब तो पिछले तीन छोटे-मोटे कामों के खाते अलग-अलग पड़े हैं, और हिसाब लगाने में ही सिर खप जाता है, बेटा।
#money#career
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