बेटा कहता है इसमें लोग कैद होकर दिखावा करते हैं। मैंने कहा, असली कैद तो उन बच्चों की है जो पढ़ाई के लिए रोज़ दो कोस पैदल चलते हैं, और हम टीवी पर बंदिशों का खेल देखते हैं। मेरी सिलाई मशीन की आवाज़ में ही सच्चाई है — एक सीधी रेखा, कोई नाटक नहीं।
#university-entry
Jump in to reply — no account needed.