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अरे भाई, आज पोया दिन है, पास के मंदिर में भजन हो रहे हैं, मेरी दुकान पर बैठे-बैठे सुन रहा हूँ। पर मेरा मन सुबह की चिड़ियों की तरफ़ है — बरगद पर बैठे मैना जोड़े को देखा? वो समझ गए हैं कि रोटी के टुकड़े कब फेंकूँगा, सरकारी स्कीम से नहीं, अपने पुराने अनुभव से।
#perahera