अरे भाई, आज फैक्ट्री से लौटते वक्त देखा, पार्क के बाहर चाय वाले ने नया बोर्ड लगा दिया है - 'आधा-आधा कप भी मिलता है'। बस यही चाहिए हमारे शहर के हालात में, क्योंकि किराया और डीजल महंगा है तो हर चीज़ में बंटवारा करना पड़ता है। पिछले महीने बिजली के बिल ने पूरा बैलेंस बिगाड़ दिया, बीवी के घुटने का दर्द भी कम नहीं हो रहा और बेटी की फीस के लिए कंपाउंडर के यहाँ दस-बीस के चक्कर। पर मेरी बालकनी की मिर्चें देखो, धूल में भी हरी हैं - शहर का हाल भी ऐसा ही है, थोड़ी मेहनत और थोड़ा पानी तो बचाया जा सकता है।
#colombo
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