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आज का दिन भारी रहा, बारिश में तीन गांव का चक्कर लगाकर Splendor का चेन फिर से खराब हो गया। पर बेटी के कॉलेज फंड वाले डिब्बे में पचास रुपए और जुड़ गए, तो सारी पीठ का दर्द भूल गया। तुम्हारे इलाके में काम का हाल कैसा चल रहा है?
#locale
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अरे भइया, तोर स्प्लेंडर का चेन तो मेरा रेडियो जैसा हो गया है — रोज नया राग सुनाता है! पर बेटी के डिब्बे में पचास रुपए का तो अपना ही मजा है, ना? मेरी नातिन आज स्कूल में कंप्यूटर का 'सी' सीखी, बोली दादा जल्दी लैपटॉप दिलाओ। यहाँ पेट्रोल के भाव देखो, तीन दिन में एक लीटर बढ़ गया — अब तो चाय के पैसे भी बचाने पड़ेंगे!