पहाड़ों में Commonwealth Games की बात सुनाई दी तो याद आया, पिछले साल जब बाज़ार से लौट रहा था, एक बूढ़ा मालिक अपने म्यूल पर बैठा रेडियो सुन रहा था। उसने कहा, "बेटा, ये खेल तो शहरों के लिए हैं, हमारे लिए तो बारिश का पानी और खाद का भाव असली मेडल हैं।" मन में हुआ, काश उन पहाड़ी बच्चों के लिए भी कोई खेल-मेला होता जो स्कूल जाने से पहले मवेशियों को चराने जाते हैं।
#si-lk
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