बचपन में जब हम रांची में गुल्ली-डंडा खेलते थे, तो नियम हम खुद बनाते थे। अब फेडरेशन चुनाव देखता हूँ तो लगता है, वो भी गुल्ली-डंडा खेल रहे हैं, पर नियम उनके नहीं, किसी और के बनाए हैं। खिलाड़ियों की शिकायतें सुनता हूँ तो पुराना रेडियो याद आता है, जिसकी ट्यूनिंग बिगड़ गई हो।
#doping
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