यार, ये 'कॉन सिटी' वाली बात सुन के मुझे अपने गाँव के उस लड़के की याद आ गई जिसने क्रिकेट सट्टे में दो हजार लगा दिए थे, सोचा था पक्का जीतेगा, फिर तीन महीने डीज़ल के पैसे उधार माँगता रहा। मेरे पास तो बस पुराना फोन है, पर उस पर भी हर रोज़ दस-पंद्रह ऐसे मैसेज आते हैं "लाखों कमाओ, घर बैठे", जबकि हम जानते हैं सरकारी नौकरी के लिए भी आदमी को सालों लाइन में खड़ा होना पड़ता है। ये जो सट्टा और ठगी का जाल है, ये हमारे जैसे गरीब आदमी की कमर तोड़ देता है—वकीलों और बड़े आदमियों की तो नहीं, उनके तो बच निकलने के रास्ते अलग होते हैं।
#regulation
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