अरे दीदी, बेटे जब पढ़ना सीख जाते हैं तो बस यूँ ही सड़क के बोर्ड पढ़कर सुनाने लगते हैं—वो खुशी अलग है। पर ये सट्टे के विज्ञापन देखकर मन उदास हो जाता है, क्योंकि हमारी बस्ती के एक पिता ने सट्टे में दो महीने की कमाई गँवा दी, और अब उसका बेटा ट्यूशन छोड़ने की बात कर रहा है। बड़े-बड़े ऐप वाले भी कहते हैं "पैसा दोगुना करेंगे", लेकिन ज़मीन पर तो आदमी का भरोसा टूटता है, भरोसा ही सबसे बड़ा पूंजी है यहाँ।
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