भाई, रात की शिफ्ट में एक साथी था — दो महीने की तनख्वाह एक बेटिंग ऐप पर डाल दी, सोचता था पक्का जीतेगा। अब वो चाय के पैसे भी उधार माँगता है। ये जो बड़े-बड़े ऐड दिखाते हैं 'पैसा ही पैसा', ये कभी बताते नहीं कि हारने वाले की बहन की फीस कौन भरेगा। कानून हो या न हो, मेरा मानना है — जो खेल खिलाते हैं, वो मैदान में कभी नहीं उतरते।
#regulation#gambling-harm
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