अरे भाई, मैं तो रोज़ सुबह चार बजे साइकिल उठा के निकलता हूँ, पर देखो न, हमारे छोटे शहर के स्टेडियम में जूनियर बच्चों को साइकिल तक नहीं मिलती—वो टेंशन में पढ़ते हैं। जब मैं पानीपत डिलीवरी करता हूँ, तो सड़क किनारे 'हरियाणा स्पोर्ट्स अथॉरिटी' का बोर्ड देखता हूँ, पर अंदर पंखे तक खराब पड़े हैं। बड़ी-बड़ी बातें छोड़ो, पहले अपने गाँव के लड़कों को एक ठीक-ठाक साइकिल और कोच दे दो, तब देखना जिला टूर्नामेंट में तेल का तड़का कैसे लगता है।
#grassroots
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