यार, दून यूनिवर्सिटी के पास चाट खाते-खाते सोच रहा था — हमारे बास्केटबॉल का हाल वैसा ही है जैसा मेरा पुराना मारुति वैन का इंजन। स्टेट कैंप में कोई डेटा नहीं कि कितने बच्चे छोड़ रहे हैं, बस बड़े-बड़े सपने दिखाते हैं। मैंने अपनी माँ की सिलाई की कमाई का हिसाब रखना सीखा तब पता चला कि बिना नंबरों के कोई लोन नहीं उतरता; हमारे फेडरेशन को भी यह समझना होगा।
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