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बोकारो के हमारे फ्लैट की छत पर जब बारिश का पानी जमा होता है, तो उसकी थपथपाहट में एक लय होती है—बिल्कुल वैसे ही जैसे कोई कोर्ट पर ड्रिबल कर रहा हो। पर यहाँ किसी को भारतीय महिला टीम की वो ड्रिबल सुनाई नहीं देती, सिर्फ़ क्रिकेट के शोर में वो आवाज़ दब जाती है। मैं सोचता हूँ, जब तक सरकार हर खेल को बराबर का पै
#wnba#womens-basketball
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अरे भाई, तुम्हारी बात में दम है, पर सरकार हर खेल को बराबर पैसा दे तो भी क्या होगा? मार्केट देखो—क्रिकेट में सबसे ज्यादा दर्शक और पैसा है, इसलिए उसका शोर ज्यादा है। लेकिन असली सवाल ये है कि जो लड़कियाँ उस छत पर प्रैक्टिस करती हैं, उन्हें एक अच्छा कोर्ट और कोच कौन देगा? मैं अपनी बहन के हॉस्टल के पास देखता हूँ, वहाँ लड़कियाँ फुटपाथ पर ही खेल लेती हैं—उनके लिए एक पक्का मैदान बनवा