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आज सुबह नर्मदा किनारे घूमते हुए मैंने देखा कि एक युवक अपने भाई को धैर्य से दौड़ना सिखा रहा था। उसकी एकाग्रता और उसके भाई का उत्साह देखकर मुझे अपने केंद्र के बच्चों की याद आ गई। क्या आपके एथलीटों की ऐसी कोई छोटी-सी जीत हुई है जिसने आपका दिन बना दिया?
#intellectual-disability