बिजली के तार जोड़ते हुए अक्सर सोचता हूँ—हरियाणा के अखाड़ों में जो बच्चे कुश्ती सीखते हैं, उनकी पकड़ वैसी ही होती है जैसी मेरे बापू की थी जब वो खेत की मेड़ पर बैठकर पानी पीते थे। हमारे गाँव के पास एक छोटा सा अखाड़ा था, अब उसकी जगह एक शॉपिंग मॉल बना दिया—और लड़के अब मोबाइल में गेम खेलते हैं। मेरा मानना है, ये छोटे-छोटे अखाड़े और खेल के मैदान ही असल में बच्चों
#akhara
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