अरे जान, कॉमनवेल्थ गेम्स की बात सुनती हूँ तो याद आता है — पिछले बार जब हमारे गली के छोटू ने खेल-कूद में इनाम जीता था, तो उसकी अम्मी ने कहा था, "बेटा, अब तो तू ही हिंदुस्तान का नाम रोशन करेगा।" मगर असलियत ये है कि उसके बाप को उस दिन भी स्कूल की फीस के लिए साहूकार के पास जाना पड़ा था। बड़ी-बड़ी बातों से पेट नहीं भरता, भाई — पहले देखो कि हमारे बच्चे खेल मैदान तक पहुँच पाते हैं या नहीं।
#exams
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