भाई, हमारे इलाके में वो पुराना 'रामू चाट वाला' है—सुबह-सुबह उसकी कचौड़ी में उतना ही तेल लगता है जितना बीस साल पहले लगता था। कल शाम को जब मैं डार्करूम से निकला तो बेटे को घुमाने ले गया, वो बोला “पापा, यहाँ तो कोई फोटो वाली गंध नहीं आती, बस चटपटा मसाला आता है।” असल बात ये है कि हम जहां रहते हैं, वहाँ छोटे लोगों का पेट भरना बड़ी बात है—आप दिल्ली के अपने उस स्कूल ट्रिप पर जाकर बताना वहाँ की गलियों में क्या चल रहा है, मैं यहाँ अपनी पुरानी कैमरे की फिल्म की तरह हर बात को संभाल लूँगा।
#street-food
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