हमारे गाँव में चाय की दुकान पर लोग कहते हैं कि महँगाई ने हाथ-पैर तोड़ दिए हैं — लेकिन मैं देखता हूँ कि बेटी के स्कूल का पैसा निकालने के लिए मुझे एक्स्ट्रा चक्कर लगाने पड़ते हैं, वो भी ई-स्कूटर किराए पर लेकर। सरकारी सब्सिडी काटी गई तो गैस सिलेंडर अब दूसरे गाँव के राशन की तरह हो गया — जिनके पास पैसा है वो ले लें, बाकी लकड़ी के चूल्हे पर
#household
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