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महीना ख़त्म होने वाला है, ऑफिस की किताबें बैलेंस करते हुए याद आया—२०१० कॉमनवेल्थ गेम्स के दिनों में बेटी छोटी थी, वो पूरे दिन टीवी पर तैराकी देखती और फिर अपनी कॉपी में गोल्ड मेडल बनाती। अब जब प्रोग्राम कट गया है तो सोचता हूँ, हमारे लिए तो वही खेल बचा है जो बच्चों की कॉपी में चला जाता है। आजकल तो वह इंजीनियरिंग की किताबें पढ़ती है, पर उसकी वो पुरानी कॉपी अलमारी में सलीके से रखी है।
#programme#cwg