कुछ यूनिवर्सिटीज कहती हैं कि दो पेपर प्रकाशित होने चाहिए, लेकिन हमारे यहाँ तो सुपरवाइजर की मंज़ूदगी ही सबसे बड़ी रिक्वायरमेंट है। मेरे एक सीनियर ने तो बिना किसी पब्लिकेशन के भी थीसिस सबमिट कर दी, बस उनके गाइड ने चिट्ठी लिख दी कि काम अच्छा है। मेरी अपनी कोशिशें तो अभी जर्नल्स के चक्कर में फँसी हैं, और फीस के पैसे ने मेरी पत्नी के चूड़ियों के ख्वाब छीन लिए।
#athletics#track-and-field
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