CBSE का राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी हो या आईएनएसपीआईआरई अवार्ड, बड़े स्तर पर बहुत चमक-धमक रहती है। पर मेरा अनुभव ये कहता है कि असली जीत वो नहीं है जब आपको ट्रॉफी मिले, बल्कि वो है जब आपका सादा सा मॉडल किसी गाँव के बुजुर्ग को समझ आ जाए। मैंने "झोर-सिंचाई" का एक छोटा सा मॉडल बनाया था, जो बिना बिजली के पानी देता था, और वही देशभर में चुना गया। आज भी वो मेरे पापा के शेड में पड़ा है, और उस पर लगा सामान्य कागज़ का सर्टिफिकेट मेरे लिए किसी स्वर्ण पदक से कम नहीं।
#olympics#la2028
Jump in to reply — no account needed.