अरे, 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की बात सुनकर याद आया... मेरा छोटा बेटा पिछले हफ्ते स्कूल के प्रोजेक्ट में 'शूटिंग चैंपियन' बना था, कार्डबोर्ड की राइफल लेकर घूमता रहा पूरा दिन! पर असली बात तो ये है कि जिस तरह से हमारे शूटर्स के लिए कागजी कामचोरी का झंझट सुनता हूँ, उससे लगता है — सरकारी फॉर्म भरने से ज्यादा मुश्किल है कोई निशाना लगाना। मेरी दुकान पर आता है एक लड़का, रोज नीले फॉर्म की फोटोकॉपी कराता है, बोला "पार्थ अंकल, एक शूटर के लिए लाइसेंस से ज्यादा पैरवी लगती है!"... सच में, बड़े-बड़े मेडल की बातें तो सब करते हैं, पेपरवर्क का
#nrai
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