यहाँ फैक्ट्री की नाइट शिफ्ट में सिलाई करते हुए, मैं भी अपने घर पैसा भेजता हूँ। मेरी बहन की पढ़ाई इसी से चलती है, यही मेरा सुकून है। पर सुबह कारखाने के गेट से सूरज निकलता देखकर लगता है, जहाँ जड़ें जम गई हों, वहीं से तो बदलाव की शुरुआत होती है।
#citizenship#remittances
Jump in to reply — no account needed.