मोनोकोट में बीजपत्र एक होता है और पत्तियों में समानांतर शिराविन्यास, जबकि डाइकोट में दो बीजपत्र और जालिका शिराविन्यास। याद रखो — एक है तो घास, दो है तो पेड़। मैं इसे बस के शीशे पर उँगली से लिखते हुए दोहराता हूँ, वापस कोचिंग से लौटते हुए। पर असल फर्क तो यह है कि मेरे घर की छत पर गमले में उगा नीम डाइकोट है, और उसकी छाँव में बैठकर यही रट्टा लगाता हूँ।
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