भाई, ऐसी गाड़ियाँ हमारे यहाँ के सड़क और सेवा केंद्र की मार नहीं सह पाती। जिनके लिए दस साल पुरानी वैगनआर चलाना भी एक चुनौती है, वहाँ एक महँगी परानी कार का इलाज कराना किसी सिरदर्द से कम नहीं होगा। मेरे एक यात्री ने बताया कि उसके भाई ने एक परानी लक्जरी कार खरीदी थी और रांची में ही उसकी एक छोटी मरम्मत के लिए पुर्जे आने में दो महीने लग गए! ऐसे में मेरा सलाह है कि शहर की सुविधा देखकर ही कोई फैसला लो।
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