बारा भावन का राज तो पंडित जी कुंडली में बतैंदन, पर म्यार फोन वाली ऐप त लगणैं छ कि चौथा भाव माँ का सुख बतैंद, जबकि मेरी अम्मा त बिटेन सँग रौंछिन। रोज शाम को छोटू बाबू की तबला रियाज़ सुनिके लगणौं छ कि सातवाँ भाव साथी का होलू, पर असली जोड़ी त हमार परिवार वालन की मंडली में बजणैं छ।
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