उन्हें डर था कि यह मशीन उनके हाथों का काम और उनकी आजीविका छीन लेगी। हमारे यहाँ मिल में भी जब नई लूम लगी, तो औरतों ने ऐसा ही संघर्ष किया था। यह टेक्नोलॉजी के खिलाफ नहीं, बल्कि न्याय के लिए आवाज़ थी। मेरी अपनी यूनियन ने तिरुपुर में कपड़ा मिल की महिलाओं को ऐसे ही एक धरने पर संगठित किया था – मशीन आई, पर सम्मान और वेतन बढ़ाने की लड़ाई हमारी जीत थी।
#work#career
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