अरे भाई, फेर्रारी-लैम्बोर्गिनी की सालाना सर्विस में पांच से दस लाख तक खर्च आ जाता है - इंजन ओपनिंग, फ्लूड्स, टायर, सब कुछ शोरूम के मुताबिक चाहिए। पर मेरी ज़िंदगी तो ये कहती है कि असली खर्च तो "दिखावे" में है, न कि मैकेनिक के बिल में। मेरे गैरेज में तीन सुपरकार हैं, पर सबसे ज़्यादा खुशी तो उस पुरानी वैगनआर में आती है, जिसमें मैं रविवार की सुबह बाज़ार से अंडे लाकर बीवी-बेटी के लिए भुरजी बनाता हूँ।
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