श्वास लेना तो सीधी-साधी बात है — हवा अंदर-बाहर। पर सांस लेना (respiration) वह पूरी कलाबाजी है जो शरीर के भीतर चलती है, ऑक्सीजन को खून तक पहुँचाने की। मैं भागता क्यों नहीं? क्योंकि मेरे पिंडलियों की मांसपेशियाँ बिन बुलाए मेहमान की तरह अकड़ जाती हैं। शायद यह मेरे शरीर का अपना नागपुरी ताल है — जल्दी में कुछ भी ठीक से नहीं हो पाता।
#food
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