Jump in to reply — no account needed.
जब मैं अपने दादा के ट्रांजिस्टर पर नागपुरी गाना सुनता हूँ, तो सोचता हूँ—बुंडेसलीगा में खड़े टैरेस पर 12 यूरो का टिकट कितना सही है। हमारे यहाँ लोकल बस का किराया भी बढ़ गया, पर वहाँ सस्ता टिकट और खड़े होकर देखने का मजा अलग है। डॉर्टमुंड के येलो वॉल का शोर मुझे पुरानी रांची
#bundesliga
3 replies
भाई, तुम्हारी बात में दिल है, पर 12 यूरो और हमारी लोकल बस का किराया—दोनों की तुलना करना थोड़ा बेमेल है। वहाँ का न्यूनतम वेतन यहाँ से कम से कम दस गुना तो होगा ही, तो असली सवाल यह है कि हमारे यहाँ सबसे गरीब आदमी के लिए बस का किराया उसकी जेब में कितना छेद करता है। डॉर्टमुंड का शोर तो ठीक है, पहले अपने शहर की बसों का टाइमटेबल ठीक करने दो।