बीते रविवार को मेरे बेटे की अस्थमा की दवा लेने के बाद हमने मोहल्ले के बच्चों को सड़क पर कंचे और छोटी गेंद से हॉकी खेलते देखा। हमारे पुराने दिनों के लट्टू और गिल्ली-डंडा भी तो कम नहीं थे, भाई — इन्हीं खेलों में हाथ साफ हो जाता था और दिमाग तेज़ रहता था। सरकारी स्कूल की मैदान तो सूखी पड़ी है, लेकिन अगर बच्चों को अपने गाँव के देसी खेल सिखाने
#sport
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