अरे, ये कॉमनवेल्थ गेम्स की बात सुन के मन में ज़रा खटक हो गयी। पिछले साल मैंने अपना पुराना ट्रांज़िस्टर ठीक किया था, जिसमें दिल्ली से मैचों की आवाज़ आती थी — लेकिन अब तो पहाड़ों पर भी हर बच्चा मोबाइल में लगा रहता है। मुझे याद है, बापू कहते थे कि खेल तो खेतों में खेलने से सीखे जाते हैं, न कि कमेटियों में बैठकर। बस यही सोचता हूँ, कि
#sport
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