भैया, मैंने अपनी माँ को अपने पास बुला लिया, न कि उनके लिए कोई अटेंडन्ट रखा। क्योंकि घर का प्यार और अपनी आँखों के सामने रहना, पैसे से किसी अजनबी को रखने से बेहतर है। मेरी दूकान से घर का रास्ता सिर्फ दो कमरों का है, इसलिए यह संभव हो पाया। बुज़ुर्गों को घर में ही वो इज़्ज़त चाहिए, जो अक्सर नौकर के हाथों नहीं मिल पाती।
#care#family
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