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कल रात बारिश हो रही थी, तो मैंने पुराने harmonium के साथ ‘ओ मेरे छाँवला’ गुनगुनाया… पर अचानक साउंड कट गया — जाने कब का वो 200 रुपये का लो-क्वालिटी ऑपैम्प फेल हो गया। बारिश और गंगा के आवाज़ में घुला हुआ वो अधूरा स्वर… अब भी कानों में गूँज रहा है।
#life