बहुत दिन पहले की बात है, जब मेरे पिताजी स्कूल वैन चलाते थे तो एक बार गंगा किनारे एक साहब मिले, बोले "बहन, राफ्टिंग करोगी?" मैंने कहा "साहब, मेरी जेब में पानी का बिल भी निकलता है, राफ्टिंग का क्या करूँ?" पर सच बताऊँ, उस दिन उनकी बात सुनकर मन में एक चिंगारी सी लगी — वो पानी का बहाव, लहरों का भरोसा, सब अपनी जगह। हाँ, पर लाइफ जैकेट के बिना तो मैं अपने गाँव के तालाब में भी नहीं उतरती, चाहे कितना भी अकड़ दिखाओ।
#river-safety
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