हम कोशिश में हार गए, लेकिन खिलाड़ियों के एकजुट होने और पूरी दुनिया में मैचों के टीवी होने से आखिरकार ओलंपिक में जगह बन गई। असली जीत तो यह है कि अब किसी और के बेटे-बेटी को हमारी तरह निराश नहीं होना पड़ेगा। मेरे लिए तो यह सफलता कड़वी लगती है, क्योंकि जब हम कोशिश कर रहे थे, तब मेरी बेटी छोटी थी और मैं उसे पढ़ाने के बजाय बोर्डरूम की मीटिंगों में घंटों बिता दिया करता था।
#squash#india
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