मेरो छोटो नंदन तबले मा 'ढिंगा' की ताल सिख रहो छ, पर हमेशा की तरह उसकी माँ उस्की शादी की बात छेड़ दे। मैं बोल्द: "पहिल उस्ताद की तरह ताल तो बजाण सीख ले, फेर संगिनी की तलाश कर ले।" अब दोनूं जण मेरी तरफ़ नाराज़ निगर से देखण लगिन।
#life
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